कायप्पापुरीतील ओव्या
इये थोपु आजि। कायप्पा नगरी।
महारम्यपुरी। व्हर्चुअल।।
व्हर्चुअलामाजी। रमती हो प्राणी।
व्हर्चुअल वाणी। वदती ते।।
धुंडोनी कॉन्टॅक्ट। वदती एकाशी।
किंवा समूहाशी। अहर्निश।।
अहर्निश तैसे। कला नि साहित्य।
करी फक्त नित्य। फॉरवर्ड।।
फॉरवर्ड लोक। फॉरवर्ड ब्लॉक।
फॉरवर्ड क्लॉक। होत असे।।
ऐशा प्राणियांच्या। वदू काय कळा।
वाचक विरळा। परि तेथ।।
वाचक दिसता। प्राणी होती गोळा।
आश्चर्यसोहळा। आत्यंतिक।।
शंत्या म्हणे द्यावे। हेचि दान देवा।
वाचनाचा व्हावा। ना विसर।।
- शंतनु भट (३०/१०/२०१७)
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Hi post miss keli hoti mi.